भोजपुर में सांसद सुदामा प्रसाद ने 5 करोड़ की योजनाओं का किया उद्घाटन, 60 हाई मास्क लाइट शामिल
सांसद ने एमपीएलएड्स के तहत 5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन किया, जिसमें 60 हाई मास्क लाइटें शामिल हैं।
14 सितंबर, सोमवार को बिहार के भोजपुर जिले में सांसद सुदामा प्रसाद ने सदस्य संसद लोकल एरिया डिवेलपमेंट स्कीम (एमपीएलएड्स) के तहत लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की कई विकास योजनाओं का औपचारिक उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में कुल 60 हाई‑मास्क लाइटों की स्थापना को प्रमुख रूप से प्रस्तुत किया गया, साथ ही अन्य बुनियादी सुविधाओं के कार्य भी शामिल हैं।
उद्घाटन समारोह में स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, जिला अधिकारी, पंचायत प्रतिनिधि और आम जनता की उपस्थिति रही। सांसद सुदामा प्रसाद ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं को सुनने के बाद इन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी है और इस प्रकार के प्रोजेक्ट्स से स्थानीय लोगों के जीवन स्तर में सुधार की उम्मीद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि एमपीएलएड्स के तहत उपलब्ध फंड का उपयोग सड़कों, जल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी ढाँचे के विकास में किया जाता है।
एमपीएलएड्स, जो प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय विकास कार्यों के लिए वार्षिक 5 करोड़ रुपये तक की सीमा प्रदान करता है, के तहत इस बार सुदामा प्रसाद ने विशेष रूप से प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता दी। हाई‑मास्क लाइटें, जो आमतौर पर मुख्य सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाती हैं, रात के समय सुरक्षा और यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने में सहायक मानी जाती हैं।
उद्घाटन के दौरान स्थापित की गई 60 हाई‑मास्क लाइटें विभिन्न प्रमुख बिंदुओं पर लगाई गईं, जिससे शाम के समय में सड़कों की रोशनी में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद है। इस पहल को स्थानीय निवासियों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया, कई लोगों ने कहा कि बेहतर प्रकाश व्यवस्था से बाजार, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंच अधिक सुरक्षित होगी।
सुदामा प्रसाद ने यह भी कहा कि भविष्य में भी एमपीएलएड्स के तहत उपलब्ध फंड का उपयोग करके जल निकासी, सड़कों की मरम्मत और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार जैसे कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को सहयोग करने और समय पर कार्य पूर्ण करने की अपील की।
यह कार्यक्रम भोजपुर में विकास कार्यों की निरंतरता को दर्शाता है और सांसद के क्षेत्रीय विकास के प्रति प्रतिबद्धता को उजागर करता है। आगामी महीनों में इन परियोजनाओं की प्रगति की निगरानी की जाएगी, और यदि कोई अतिरिक्त कार्य या विस्तार की आवश्यकता पाई जाती है तो उसे भी समय पर लागू किया जाएगा।
