आतंकी को ढूंढने गई थी NIA, गलती से खटखटाया किसी और का दरवाजा! स्कूटी रोकी तो बैग में मिले 20 लाख
पटना के चित्रगुप्त नगर में NIA की छापेमारी में कुसुम इनफिनिटी अपार्टमेंट से 20 लाख रुपये नकद बरामद हुए, जबकि एक युवक अनमोल कुमार मोदी को स्कूटी में नकदी के साथ पकड़ा गया।
पटना, बिहार – राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने चित्रगुप्त नगर, पटना के कुसुम इनफिनिटी अपार्टमेंट में एक छापेमारी की, जिसमें 20 लाख रुपये की नकद राशि बरामद की गई। इस कार्रवाई के दौरान विशेष टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने भागते हुए युवक अनमोल कुमार मोदी को स्कूटी पर नकदी के साथ रोका। साथ ही, आतंकवादी गतिविधियों के संदेह में एक अन्य युवक को भी हिरासत में लिया गया।
रिपोर्टों के अनुसार, इस छापेमारी का मूल उद्देश्य एक संदिग्ध आतंकवादी व्यवसायी को खोजने का था। हालांकि, अधिकारियों ने गलती से किसी अन्य फ्लैट में प्रवेश किया, जिससे कुसुम इनफिनिटी अपार्टमेंट के निवासियों को असुविधा हुई। यह तथ्य स्रोत समाचार में उल्लेखित है, लेकिन अभी तक इस त्रुटि के कारण या जिम्मेदारियों के बारे में आधिकारिक टिप्पणी नहीं मिली है।
छापेमारी के दौरान, NIA टीम ने अपार्टमेंट के एक कमरे में रखे बैग को खोला, जिसमें 20 लाख रुपये की नकद राशि पाई गई। इस नकद को तुरंत सुरक्षित कर लिया गया और आगे की जांच के लिए फोरेंसिक टीम को सौंपा गया। अनमोल कुमार मोदी, जो स्कूटी पर भाग रहा था, को STF के एक दल ने रोका। पुलिस ने बताया कि मोदी के पास बड़ी मात्रा में नकद थी, लेकिन उसकी पहचान या धन के स्रोत के बारे में अभी तक स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है।
साथ ही, एक अन्य युवक को आतंकवादी गतिविधियों के संदेह में हिरासत में लिया गया। इस व्यक्ति की पहचान, गिरफ्तारी के कारण और संभावित जुड़ाव के बारे में विस्तृत जानकारी अभी जारी नहीं की गई है। अधिकारियों ने कहा कि इस मामले में आगे की जांच चल रही है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पटना में इस घटना ने स्थानीय जनता में चिंता उत्पन्न कर दी है, विशेषकर जब ऐसी बड़ी नकद राशि बिना स्पष्ट कारण के बरामद हुई। पुलिस और NIA ने कहा कि वे इस मामले की पूरी पारदर्शिता बनाए रखेंगे और सभी संबंधित तथ्यों को सार्वजनिक करेंगे।
वर्तमान में, इस छापेमारी से जुड़े सभी व्यक्तियों की पूछताछ जारी है। NIA ने अभी तक इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप किसी और को आरोपित नहीं किया है, और यह स्पष्ट नहीं है कि बरामद की गई नकद का मूल स्रोत क्या था। जांच के आगे के चरणों में धन के स्रोत, संभावित वित्तीय लेनदेन और आरोपी व्यक्तियों के नेटवर्क की जाँच शामिल होगी।
यह घटना राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की कार्यप्रणाली और स्थानीय कानून प्रवर्तन के समन्वय पर भी प्रश्न उठाती है। भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के लिए प्रक्रियात्मक सुधारों की आवश्यकता पर चर्चा जारी है।
जांच के परिणाम आने तक, इस मामले को “विकासशील” माना गया है और कोई भी नई जानकारी आधिकारिक तौर पर प्रकाशित होने पर अपडेट की जाएगी।
