Bihar

NEET UG 2026: बिहार में बढ़ीं 100 MBBS सीटें, छपरा और समस्तीपुर में इस सत्र से शुरू होंगा एडमिशन

NMC ने छपरा और समस्तीपुर मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक 50 नई MBBS सीटों की मंजूरी दी, जिससे राज्य में कुल सीटें 1,810 हो गईं।

राष्ट्रीय मेडिकल आयोग (NMC) ने बिहार के दो सरकारी मेडिकल कॉलेजों—छपरा मेडिकल कॉलेज और समस्तीपुर मेडिकल कॉलेज—में प्रत्येक 50 नई MBBS सीटों की मंजूरी दी है। इस निर्णय के बाद राज्य में MBBS कोर्स की कुल उपलब्ध सीटें 1,810 हो गई हैं। नई सीटों की शुरुआत नेशनल एग्ज़ामिनेशन टेस्ट (NEET) UG 2026 के सत्र से प्रभावी होगी, जिससे इन संस्थानों में इस वर्ष के प्रवेश प्रक्रिया में बदलाव आएगा।

NMC की इस मंजूरी का उद्देश्य राज्य में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता को बढ़ाना और अधिक छात्रों को डॉक्टर बनने का अवसर प्रदान करना है। छपरा और समस्तीपुर दोनों कॉलेज पहले से ही बिहार के प्रमुख मेडिकल संस्थानों में गिने जाते हैं और इनकी पूर्वी बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। नई 100 सीटों के जोड़ से इन कॉलेजों की वार्षिक छात्र संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे भविष्य में प्रदेश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यबल की कमी को कम करने में मदद मिल सकती है।

NEET UG 2026 के लिए इस वर्ष के प्रवेश प्रक्रिया में अब इन दो कॉलेजों के लिए अतिरिक्त सीटों को ध्यान में रखते हुए कटऑफ़ अंक और रैंकिंग में संभावित बदलाव हो सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपने लक्ष्य रैंक और अंक को ध्यान में रखते हुए आवेदन प्रक्रिया को समय पर पूरा करें।

यह भी उल्लेखनीय है कि NMC द्वारा दी गई मंजूरी के बाद, संबंधित कॉलेजों को नई सीटों के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा, फैकल्टी और क्लिनिकल प्रशिक्षण सुविधाओं को सुनिश्चित करना होगा। इन शर्तों की पूर्ति के बाद ही छात्रों को वास्तविक रूप से इन सीटों पर प्रवेश दिया जा सकेगा।

बिहार सरकार ने पहले भी मेडिकल शिक्षा के विस्तार के लिए कई पहलें की हैं, और इस बार भी नई सीटों के जोड़ से राज्य की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ा है। हालांकि, नई सीटों के प्रभावी कार्यान्वयन और छात्रों के वास्तविक प्रवेश की पुष्टि अभी भी संबंधित कॉलेजों और NMC की आगे की प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।

उम्मीदवारों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक सूचना स्रोतों, जैसे NMC की वेबसाइट और राज्य शिक्षा विभाग के अधिसूचनाओं, पर नियमित रूप से नजर रखें, ताकि प्रवेश प्रक्रिया में किसी भी बदलाव या अतिरिक्त निर्देशों से अवगत रह सकें।

यह विकास बिहार में मेडिकल शिक्षा के विस्तार के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है, जो भविष्य में अधिक डॉक्टरों की उपलब्धता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की संभावनाएँ प्रस्तुत करता है।

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