MP में 2027 बनेगा ‘युवा वर्ष’, साल में 2 बार होगी PSC, सीएम मोहन यादव ने की घोषणाओं की बौछार

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2026 के युवा सम्मेलन में एक व्यापक विकास रोडमैप पेश किया, जिसमें 2027 को ‘युवा वर्ष’ घोषित करने का प्रमुख बिंदु शामिल है। इस घोषणा के साथ राज्य ने शोध छात्रवृत्ति को बढ़ाने, नई शिक्षा पहलों और स्टार्टअप समर्थन योजनाओं पर हस्ताक्षर करने का वादा किया।

रोडमैप के मुख्य तत्वों में उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसंधान निधि का विस्तार, युवा उद्यमियों के लिए विशेष फंडिंग स्कीम, तथा तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा शक्ति को सशक्त बनाकर ही राज्य की आर्थिक प्रगति संभव है और 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने से इस दिशा में नई ऊर्जा का संचार होगा।

शोध छात्रवृत्ति को बढ़ाने के तहत, राज्य सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) क्षेत्रों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर छात्रों के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करने का प्रस्ताव रखा है। यह कदम उच्च शिक्षा में शोध को प्रोत्साहित करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाते हुए स्थानीय नवाचार को तेज करने के उद्देश्य से किया गया है।

नई शिक्षा पहलों में डिजिटल लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म का विस्तार, ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी ढाँचा सुधार, तथा शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आधुनिकीकरण शामिल है। स्टार्टअप पहल के तहत, युवा उद्यमियों को प्रारंभिक पूँजी, मेंटरशिप, और बाजार पहुँच प्रदान करने के लिए एक विशेष स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाना लक्ष्य है।

सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष के दौरान राज्य में दो बार सार्वजनिक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा आयोजित करने की योजना भी चर्चा में है, लेकिन यह अभी आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं हुई है। यदि लागू हुआ, तो यह युवा पेशेवरों को सरकारी नौकरियों के लिए अधिक अवसर प्रदान करेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि युवा वर्ष के दौरान विभिन्न खेल, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिससे युवा वर्ग की भागीदारी बढ़ेगी और सामाजिक समावेशीता को प्रोत्साहन मिलेगा।

राज्य के विभिन्न विभागों ने इस रोडमैप को लागू करने के लिए कार्यकारी समूह बनाए हैं, जो अगले दो वर्षों में प्रमुख माइलस्टोन की निगरानी करेंगे। इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर भी सराहा गया है, क्योंकि यह युवा विकास को केंद्रित करते हुए आर्थिक और सामाजिक दोनों पहलुओं को संतुलित करने का प्रयास है।

समग्र रूप से, मोहन यादव की यह पहल मध्य प्रदेश को युवा शक्ति के उपयोग में अग्रणी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आगे की जानकारी और आधिकारिक विवरणों के लिए राज्य सरकार के जारी किए गए दस्तावेज़ों और आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस की प्रतीक्षा की जाएगी।