Ashutosh Dixit कौन हैं? बने नए वायुसेना प्रमुख, कारविल के ‘सफेद सागर’ से Operation Sindoor में था अहम रोल

भारत की भारतीय वायुसेना को नया प्रमुख मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार ने एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को अगला Chief of the Air Staff (CAS) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद आधिकारिक रूप से पुष्टि हुई है। दीक्षित 31 अक्टूबर 2026 की दोपहर से वायुसेना प्रमुख का पद संभालेंगे और उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक रहेगा।

आशुतोष दीक्षित वर्तमान में एयर मार्शल के पद पर सेवा कर रहे हैं और वे मौजूदा एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के उत्तराधिकारी होंगे। एपी सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान कई प्रमुख पहलों का नेतृत्व किया, और उनका स्थान अब दीक्षित को मिल रहा है। नियुक्ति प्रक्रिया में सरकार की सिफारिश और राष्ट्रपति की स्वीकृति दोनों शामिल हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह निर्णय संवैधानिक रूप से मान्य है।

दीक्षित की सेवा यात्रा में दो प्रमुख ऑपरेशनों का उल्लेख किया गया है। पहला है कारविल युद्ध (1999) के दौरान भारतीय वायुसेना द्वारा चलाया गया ऑपरेशन सफेद सागर, जिसमें उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस ऑपरेशन में वायुसेना ने पहाड़ी क्षेत्रों में भारतीय सेना को समर्थन प्रदान किया और दुश्मन के लक्ष्यों को नष्ट करने में प्रमुख योगदान दिया। दूसरा उल्लेखित ऑपरेशन है ऑपरेशन सिंधूर, जिसके बारे में सार्वजनिक रूप से विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है, परंतु रिपोर्टों के अनुसार दीक्षित ने इसमें भी सक्रिय भागीदारी की थी।

इन दोनों अभियानों में उनकी भागीदारी ने उन्हें वरिष्ठ कमांड स्तर पर आगे बढ़ने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान किया। उनके करियर में विभिन्न उड़ान मिशन, प्रशिक्षण और रणनीतिक योजना कार्य शामिल रहे हैं, हालांकि विशिष्ट पदनाम या तिथियों का उल्लेख उपलब्ध नहीं है। यह तथ्य कि उन्होंने दोनों ऑपरेशनों में योगदान दिया, यह संकेत देता है कि उन्होंने युद्धकालीन संचालन और शांति कालीन रणनीतिक कार्य दोनों में अनुभव अर्जित किया है।

आशुतोष दीक्षित के नए पद ग्रहण करने के बाद, भारतीय वायुसेना की रणनीतिक दिशा, आधुनिकीकरण योजनाएँ और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर उनका प्रभाव देखना बाकी है। उनका कार्यकाल दो साल से अधिक का है, जिसमें वे विभिन्न रक्षा नीतियों, उपकरण उन्नयन और मानव संसाधन विकास को आगे बढ़ाने की अपेक्षा की जाती है। इस अवधि में सरकार और रक्षा मंत्रालय के साथ मिलकर वे वायुसेना को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए कार्य करेंगे।

वर्तमान में, दीक्षित की नियुक्ति को राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञों ने सकारात्मक रूप में देखा है, क्योंकि उनके पास युद्धकालीन अनुभव और संचालनात्मक ज्ञान दोनों हैं। यह भी कहा गया है कि उनका कार्यकाल 31 दिसंबर 2028 तक सीमित रहेगा, जिसके बाद अगली नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होगी। इस प्रकार, एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित भारतीय वायुसेना के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण नेतृत्व भूमिका में प्रवेश कर रहे हैं।