Diwali और Chhath जैसे प्रमुख भारतीय त्यौहारों के आगमन के साथ यात्रा की मांग में पारंपरिक रूप से वृद्धि देखी जाती है। इस वर्ष, इस मौसमी प्रवाह के साथ-साथ एयरलाइन इंडीगो (IndiGo) ने अपने फ्यूल चार्ज में वृद्धि की घोषणा की है, जिससे कई प्रमुख घरेलू मार्गों पर टिकट कीमतों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
इंडीगो के नए फ्यूल चार्ज के प्रभाव से विशेष रूप से दिल्ली‑पटना और दिल्ली‑रांची के किराए में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इन दो मार्गों को अक्सर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड के यात्रियों द्वारा त्यौहारों के दौरान घर लौटने के लिए उपयोग किया जाता है। रिपोर्ट के अनुसार, इन क्षेत्रों के लिए टिकट कीमतें 17,000 से 20,000 रुपये के बीच पहुँच गई हैं, जो पिछले महीनों की तुलना में काफी अधिक है।
मुंबई‑बेंगलुरु मार्ग पर भी फ्यूल चार्ज की बढ़ोतरी का असर देखा गया है। इस मार्ग का उपयोग कई पेशेवर और छात्र वर्ग द्वारा अपने गृह नगरों में त्यौहारों के दौरान लौटने के लिए किया जाता है। फ्यूल चार्ज में वृद्धि के कारण, इस मार्ग पर भी किराए में समान स्तर की बढ़ोतरी हुई है, जिससे यात्रियों को अतिरिक्त खर्च का सामना करना पड़ रहा है।
इंडीगो द्वारा लागू नई फ्यूल चार्ज नीति का उद्देश्य बढ़ती ईंधन कीमतों को कवर करना बताया गया है, लेकिन यह नीति यात्रियों के बजट पर दबाव डाल रही है। इस संदर्भ में, एयरफेयर Upper Cap की पूरी कहानी भी चर्चा में है। Upper Cap नीति का उद्देश्य अत्यधिक किराए को सीमित करना है, परंतु वर्तमान में इस नीति के प्रभाव और कार्यान्वयन के बारे में स्पष्ट दिशा-निर्देश अभी विकसित हो रहे हैं।
उपभोक्ता समूहों ने इस मूल्य वृद्धि को लेकर चिंता व्यक्त की है और कई यात्रियों ने वैकल्पिक यात्रा विकल्पों, जैसे ट्रेन या बस, की ओर रुख किया है। हालांकि, हवाई यात्रा की तेज़ी और सुविधा को देखते हुए, कई लोग अभी भी हवाई टिकट को प्राथमिकता दे रहे हैं, विशेषकर जब त्यौहारों के दौरान समय की कमी हो।
वर्तमान में, इंडीगो ने फ्यूल चार्ज में वृद्धि को अस्थायी बताया है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह वृद्धि कब तक जारी रहेगी। एयरलाइन ने कहा है कि भविष्य में ईंधन की कीमतों में स्थिरता आने पर फ्यूल चार्ज की पुनः समीक्षा की जा सकती है।
सारांश में, Diwali‑Chhath के मौसम में इंडीगो के फ्यूल चार्ज में वृद्धि ने बिहार, उत्तर प्रदेश, झारखंड और दक्षिण भारत के कई प्रमुख मार्गों पर टिकट कीमतों को 17,000‑20,000 रुपये तक बढ़ा दिया है। यात्रियों को इस मौसमी मूल्य वृद्धि के मद्देनज़र यात्रा योजना बनाते समय अतिरिक्त खर्च को ध्यान में रखना चाहिए और संभावित वैकल्पिक विकल्पों की जांच करनी चाहिए।
