बिहार समाचार: देशभर के युवाओं को मुफ्त AI कोचिंग, व्यक्तिगत AI ट्यूटर और IIT खड़गपुर का प्रमाणपत्र – YellowDots Talent DPI लॉन्च

येलोडॉट्स टैलेंट डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) ने भारत भर के युवाओं को मुफ्त AI कोचिंग, एक व्यक्तिगत AI ट्यूटर और IIT खड़गपुर द्वारा जारी AI प्रवीणता प्रमाण पत्र प्रदान करने की पहल शुरू की है। इस पहल का उद्देश्य युवा वर्ग में AI कौशल तक पहुँच को विस्तृत करना और डिजिटल शिक्षा के अवसरों को समान बनाना है।

प्लेटफ़ॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध है और किसी भी इंटरनेट कनेक्शन वाले उपयोगकर्ता के लिए सुलभ है। पंजीकरण के बाद, प्रतिभागी को एक व्यक्तिगत AI ट्यूटर असाइन किया जाता है, जो सीखने की गति, रुचियों और मौजूदा ज्ञान स्तर के अनुसार अनुकूलित मार्गदर्शन प्रदान करता है। ट्यूटर के माध्यम से उपयोगकर्ता को प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट, कोडिंग अभ्यास और वास्तविक‑विश्व केस स्टडीज तक पहुँच मिलती है, जिससे सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू किया जा सके।

कोचिंग कार्यक्रम में मूलभूत मशीन लर्निंग अवधारणाओं से लेकर उन्नत न्यूरल नेटवर्क मॉडल तक का विस्तृत पाठ्यक्रम शामिल है। सभी सामग्री हिंदी सहित कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है, जिससे भाषा बाधा को कम किया गया है। कार्यक्रम समाप्त होने पर, सफल प्रतिभागियों को IIT खड़गपुर द्वारा मान्य AI प्रवीणता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाता है। यह प्रमाण पत्र उद्योग में मान्यता प्राप्त है और नौकरी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ प्रदान कर सकता है।

येलोडॉट्स ने इस पहल को भारत सरकार की डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) रणनीति के साथ संरेखित बताया है, जिसमें तकनीकी शिक्षा को सुलभ बनाना और कौशल अंतर को कम करना प्रमुख लक्ष्य हैं। जबकि आधिकारिक आँकड़े अभी जारी नहीं हुए हैं, इस कार्यक्रम के प्रारंभिक चरण में कई राज्य और शहरी क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पंजीकरण की रिपोर्ट मिली है।

विशेषज्ञों का मानना है कि मुफ्त और व्यक्तिगत AI प्रशिक्षण, विशेषकर एक प्रतिष्ठित संस्थान जैसे IIT खड़गपुर के प्रमाणपत्र के साथ, युवा वर्ग में AI के प्रति रुचि को बढ़ा सकता है और भविष्य की तकनीकी नौकरियों के लिए तैयार कर सकता है। येलोडॉट्स ने कहा है कि कार्यक्रम के प्रभाव को मापने के लिए नियमित फीडबैक और मूल्यांकन प्रक्रिया स्थापित की जाएगी, और आगे के चरणों में अतिरिक्त मॉड्यूल और प्रमाणपत्र विकल्प जोड़ने की संभावना है।

यह पहल राष्ट्रीय स्तर पर AI कौशल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो डिजिटल शिक्षा के विस्तार और युवा रोजगार सृजन के लक्ष्य को साकार करने में सहायक हो सकती है।